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लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में कई बड़े फैसले, एलडीए की व्यावसायिक संपत्तियों से वसूला जाएगा शुल्क 149 एयर क्वालिटी सेंसर लगेंगे, ठेकेदारों पर सख्ती और नई कॉलोनियों के हैंडओवर के लिए तय हुए मानक

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लखनऊ। राजधानी लखनऊ के विकास, राजस्व वृद्धि और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। महापौर सुषमा खर्कवाल की अध्यक्षता में हुई बैठक में व्यावसायिक संपत्तियों से राजस्व वसूली, प्रदूषण नियंत्रण, विकास कार्यों की निगरानी और ठेकेदारी व्यवस्था को लेकर अहम निर्णय लिए गए।

बैठक में निर्णय लिया गया कि लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की व्यावसायिक संपत्तियों से अब नगर निगम भी कमर्शियल टैक्स और यूजर चार्ज वसूलेगा। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि कोई भी नई कॉलोनी तब तक नगर निगम को हैंडओवर नहीं की जाएगी, जब तक वहां सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी।


ई-कॉमर्स कंपनियों के वेयरहाउस को भी नगर निगम के दायरे में लाने के लिए "लखनऊ नगर निगम वेयरहाउस अनुज्ञा शुल्क निर्धारण एवं संग्रहण उपविधि-2026" को मंजूरी दी गई। इसके तहत वेयरहाउस संचालकों से लाइसेंस शुल्क वसूला जाएगा।

प्रदूषण की निगरानी के लिए नगर निगम एयरावत रिसर्च फाउंडेशन के सहयोग से शहर में 149 लो-कॉस्ट एयर क्वालिटी सेंसर लगाएगा, जिससे विभिन्न क्षेत्रों की वायु गुणवत्ता की निगरानी की जा सकेगी।


बैठक में विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए यह भी निर्णय लिया गया कि अब कोई भी ठेकेदार 10 लाख रुपये से अधिक लागत वाले अधिकतम 10 कार्य ही एक समय में कर सकेगा।


इसके अलावा पारा क्षेत्र में नगर निगम की भूमि पर बारात घर निर्माण तथा हॉर्टिकल्चर वेस्ट के निस्तारण के लिए 4 नए ट्रैक्टर-ट्रॉली खरीदने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।

नगर निगम का मानना है कि इन फैसलों से शहर की सफाई व्यवस्था, राजस्व संग्रह और विकास कार्यों में गति आएगी।

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